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मध्यप्रदेश में विश्व धरोहर स्थल

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विश्व धरोहर स्थल

Mppsc Mains Gs Paper 1  Unit 4 Notes

यूनेस्को(UNESCO) (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization) द्वारा सूचीबद्ध विशेष सांस्कृतिक या भौतिक महत्त्व के स्थलों को विश्व धरोहर स्थल के रूप में जाना जाता है। विश्व धरोहर स्थलों की सूची को ‘विश्व धरोहर कार्यक्रम (World Heritage Programme) द्वारा तैयार किया जाता है, यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति (World Heritage Committee) द्वारा इस कार्यक्रम को नियंत्रित किया जाता है।

भारत में 30 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित सहित कुल 38 विश्व धरोहर स्थल हैं।

यूनेस्को क्या है ?

यूनेस्को (UNESCO) यानी ‘संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization)’ संयुक्त राष्ट्र (UN) का ही एक भाग है।

मुख्यालय – पेरिस (फ्राँस)

गठन – 16 नवंबर, 1945

कार्य- शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति और संचार के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना।

उद्देश्य – इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय, कानून का राज, मानवाधिकार एवं मौलिक स्वतंत्रता हेतु वैश्विक सहमति बन पाए।

मध्यप्रदेश मेंविश्व धरोहर स्थल

खजुराहो(छतरपुर)

  • विश्व विरासत सूची में 1986 में शामिल।
  • खजुराहो का पुराना नाम – खर्जूरवाहक।
  • मंदिरों का निर्माण – 950 से 1050 ई. में चंदेल राजाओं द्वारा।
  • खजुराहो के मंदिरों को जटकरी मंदिर भी कहते हैं।
  • ये मंदिर नागर शैली में बने हैं।

 

खजुराहो के मंदिरों को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है,

  1. पश्चिमी समूह वाले– कंदरिया महादेव मंदिर, चौसठ योगिनी मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, लक्षमण मंदिर, मातंगेश्वर मंदिर।
  2. पूर्वी समूह वाले (जैन मंदिर)- पार्श्वनाथ मंदिर, आदिनाथ मंदिर, घंटाई मंदिर।
  3. दक्षिण समूह वाले – दूल्हादेव मंदिर, चतुर्भुज मंदिर।
  4. बीजमंडल : बीजमंडल, जो प्राचीन मंदिरों का एक समूह है , खजुराहो में हाल ही में की गई पुरातात्विक खोज है, जहाँ पर उत्खनन का कार्य लगातार जारी है।

साँची के स्तूप, रायसेन

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  • विश्व विरासत सूची में 1989में शामिल।
  • यह बौद्ध तीर्थ स्थल है।
  • प्राचीन नाम – बौद्धश्री पर्वत, काकणाय, काकणादबोट।
  • निर्माण – 3वीं से 12वीं शताब्दी के बीच।
  • स्तूप, विहार व एकाश्म स्तम्भ अशोक द्वारा निर्मित।

विशेषताएं

  1. स्तूप 2,3का तोरण द्वार व प्रस्तरीकरण शुंग काल में।
  2. तोरण द्वार – इन द्वारों पर जातक कथाएं(बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथाएं) तथा बुद्ध के जन्म से मोक्ष तक की घटनाओं का उल्लेख है।
  3. सारीपुत्र तथा महामोगलायन के अस्थि अवशेष यहाँ स्तूप में रखे गए हैं, जिन्हें बुद्ध पूर्णिमा में ही देखा जा सकता है।
  4. मुख्य स्तूप(स्तूप नं.- 1)सबसे बड़ा है, जिसका व्यास – 5 m तथा ऊँचाई 16.4 m है।

भीमबेटका की गुफाएं, रायसेन

  • विश्व विरासत सूची में2003में शामिल।
  • विष्णु श्रीधर वाकणकर(भारतीय शैलचित्र स्कूल का पिता) ने रायसेन में उत्खनन कर इन गुफाओं को खोजा।
  • ये विंध्य पर्वत श्रेणी पर स्थित हैं।
  • यहाँ पूरा-पाषाण कालीन गुफाएं व 500 से भी ज्यादा शैलाश्रय मिले हैं।

यूनेस्को द्वारा मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक किले शहरों ग्वालियर और ओरछा को अपने विश्व धरोहर शहर कार्यक्रम के अंतर्गत यूनेस्को विश्व विरासत शहरों की सूची में शामिल किया गया है,जिसका सत्यापन 2021 में होगा

ग्वालियर

  • ग्वालियर की स्थापना9वीं शताब्दी में हुई थी।
  • इस पर गुर्जर प्रतिहार राजवंश, तोमर, बघेल कछवाहो और सिंधिया का शासन रहा।
  • यह बलुआ पत्थर के पठार पर स्थित है और इसमें स्मारक, किले और महल हैं।
  • इसके प्रसिद्ध स्थानों मेंसूर्य मंदिर, जल विलास पैलेस, तानसेन का स्मारक, तिघरा डैम, 15 वीं सदी के गुजारी महल पैलेस शामिल हैं।

ओरछा

  • ओरछा का अर्थ है ‘छिपे हुए महल’है, जैसा कि इसके नाम से पता चलता है कि यह अपने मंदिरों और महलों के लिए लोकप्रिय है।
  • यह 16 वीं शताब्दी में बुंदेला साम्राज्य की राजधानी थी।
  • इस शहर के प्रसिद्ध स्थानराज महल, जहांगीर महल, रामराजा मंदिर, राय प्रवीण महल और लक्ष्मीनारायण मंदिर हैं।

Read this मध्य प्रदेश में पर्यटन 

https://mppsc.org/tourist-places-of-madhya-pradesh/

Read – Religious and tourist places of Madhya Pradesh https://mppsc.org/religious-and-tourist-places-of-madhya-pradesh/

भारत में विश्व धरोहर स्थल

UNESCO world heritage sites in India 2021 (भारत के विश्व विरासत स्थल untill june 2021)

SN विश्व विरासत स्थल वर्ष संबंधित राज्य
1. आगरा का किला 1983 उत्तर प्रदेश
2. अजंता की गुफाएं 1983 महाराष्ट्र
3. एलोरा की गुफाएं 1983 महाराष्ट्र
4. ताज महल 1983 उत्तर प्रदेश
5. महाबलीपुरम के स्मारक 1984 तमिलनाडु
6. सूर्य मंदिर 1984 ओड़िशा
7. मानस वन्यजीव अभ्यारण्य 1985 असम
8. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 1985 असम
9. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान 1985 राजस्थान
10. गोवा के चर्च 1986 गोवा
11. फतेहपुर सीकरी 1986 उत्तर प्रदेश
12. हम्पी के स्मारक 1986 कर्नाटक
13. खजुराहो के मंदिर 1986 मध्य प्रदेश
14. एलीफेंटा की गुफाएं 1987 महाराष्ट्र
15. महान चोल मंदिर 1987/2004 तमिलनाडु
16. पट्टाकल के स्मारक 1987 कर्नाटक
17. सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान 1987 पश्चिम बंगाल
18. नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान व फूलों की घाटी 1988/2005 उत्तराखंड
19. सांची का स्तूप 1989 मध्य प्रदेश
20. हुमायूं का मक़बरा 1993 दिल्ली
21. क़ुतुब मीनार 1993 दिल्ली
22. भारत के पर्वतीय रेलवे

( दार्जिलिंग/नीलगिरी/शिमला)

1999/2005/

2008

पश्चिमबंगाल/तमिलनाडु/

हिमाचल प्रदेश

23. महाबोधि मंदिर 2002 बिहार
24. भीमबेटका गुफ़ाएं 2003 मध्य प्रदेश
25. चंपानेर – पावागढ़ पार्क 2004 गुजरात
26. छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस 2004 महाराष्ट्र
27. लाल किला 2007 दिल्ली
28. जंतर – मंतर 2010 राजस्थान
29. पश्चिमी घाट 2012 गुजरात,MH, कर्नाटक,TN,केरल
30. राजस्थान के पहाड़ी किले 2013 राजस्थान
31 रानी की वाव 2014 गुजरात
32. ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान 2014 हिमाचल प्रदेश
33. नालंदा 2016 बिहार
34. कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान 2016 सिक्किम
35. ली कार्बुसियर के स्थापत्य कार्य 2016 चंडीगढ़
36. अहमदाबाद 2017 गुजरात
37. विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको 2018 महाराष्ट्र
38. जयपुर 2019 राजस्थान

 

This article is written by Ashish Singh Rajput
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