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समझे बिना कोचिंग के स्वाध्याय से कैसे करें एमपीपीएससी {MPPSC} की तैयारी

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मित्रों आज मैं आपको बताऊंगा कैसे आप स्वाध्याय से एमपीपीएससी अर्थात मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग मैं ना केवल चयनित हो सकते हैं, बल्कि टॉपर भी बन सकते हैं :-

कोचिंग संस्थानों की वास्तविकता

मित्रों मध्य प्रदेश के लगभग हर बड़े शहर में विशेषता इंदौर भोपाल ग्वालियर जबलपुर मैं तथाकथित बड़े-बड़े ब्रांडेड कोचिंग संस्थान है, जो आपसे मोटी फीस लेते हैं तो क्या यह वास्तव में सही हैं क्या वास्तव में इनके द्वारा घोषित या बतलाए जाने वाले चयन वास्तविक होते हैं, उत्तर है नहीं क्योंकि कई बड़े संस्थान रिजल्ट के बाद चयनित अभ्यर्थियों को मोटी राशि महंगे गिफ्ट या विदेश ट्रिप जैसी सुविधाएं दे देते हैं और उन्हें अपनी संस्था का विद्यार्थी बता बता कर नए तैयारी करने वाले युवाओं को दिग्भ्रमित करते हैं साथ ही इन संस्थाओं में अपडेटेड नोट्स नहीं होते और किसी अकुशल फैकल्टी या ऐसे व्यक्ति से सिलेबस को पूरा करा दिया जाता है जिसे स्वयं ही परीक्षा का ज्ञान नहीं है साथ ही इन ब्रांडेड कोचिंग संस्थाओं के डायरेक्टर स्वयं नहीं पढ़ाते बल्कि किसी कम प्रशिक्षित ,कम अनुभव वाले शिक्षक से  कोर्स कंप्लीट करवाते हैं जो सामान्यता विद्यार्थियों के साथ एक प्रकार का छलावा होता है! यदि किसी संस्थान में डायरेक्टर स्वयं पढ़ा रहे हैं अर्थात जो संस्थान का मालिक है वह स्वयं पड़ा रहा है और अपडेटेड भी हैं नए पैटर्न और समकालीन जानकारियों से युक्त है तो वह शिक्षक और संस्था निश्चित ही बेहतर मानी जा सकती है किंतु अधिकांश ब्रांडेड संस्थानों में ऐसा नहीं होता अतः अगर कोचिंग ज्वाइन करनी भी है तो यह देखें कि वहां पढ़ाने वाला शिक्षक कैसा है क्या उसे एमपीपीएससी का अनुभव है क्या वह अद्यतन जानकारियों से युक्त है क्या वह ऐसा पढ़ाता है जो परीक्षा परीक्षा में पूछा जा रहा है क्या वह प्रश्नों के बदलते परिदृश्य के अनुसार नोट्स बनवा रहा है क्या उसकी और आयोग की ओरियंटेशन समान है यदि ऐसा है तो इस श्रेणी के संस्थान ज्वाइन कर सकते हैं |

mppsc.org

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कोचिंग का विकल्प

यदि आपको कोई चयनित व्यक्ति मिलता है जो संभव था आपके क्षेत्र में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग में चयनित किसी भी पद का अधिकारी है आप उसके पास जाएं और उससे वांछित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं अगर कोई एक दो लोग मना करें तो निराश ना हो आप इस बात को ध्यान रखें कि आप कम से कम 10 लोगों के पास बात करने जाएं निश्चित ही उनमें से एक या दो ऐसे व्यक्ति मिलेंगे जो आपको मदद करेंगे इसके अंतर्गत यह प्रयास करें की जिस भी अधिकारी से आप मिलने जाएं वह पिछले दो-तीन वर्षो के अंदर ही चयनित हुआ हो ताकि परीक्षा की वर्तमान प्रणाली , प्रश्न, प्रकृति आदि से परिचित हो|

साथ ही यदि आपकी जानने में कोई ऐसा व्यक्ति है जो 1~2 साक्षात्कार दे चुका है या दो से तीन मुख्य परीक्षा में बैठ  चुका है आप उसकी मदद लेते हुए उसके मार्गदर्शन में तैयारी कर सकते हैं क्योंकि ऐसे व्यक्ति के पास पर्याप्त अनुभव है और साथ ही वह व्यक्ति आपको थोड़े बहुत शुल्क में या निशुल्क ही मार्गदर्शन कर सकता है |

यह जानना होगा कि क्या एमपीपीएससी में सफल होने के लिए कोचिंग आवश्यक है यदि हां तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं और कैसे :-

किसी भी कोचिंग को ज्वाइन करने का एकमात्र लाभ यह होता है ,कि आप सिलेबस या पाठ्यक्रम से परिचित हो जाते हैं और यदि संस्थान अच्छा है तो आपको कुछ पठन सामग्री और एक मार्गदर्शन या कहें तो दिशा प्राप्त होति है हालांकि यह लाभ आप उपरोक्त वर्णित विकल्प के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं।

परीक्षा में चयनित होने के लिए कोचिंग आवश्यक नहीं क्योंकि अधिकांश कोचिंग आज व्यापार बन गई हैं ,जिनमें जिनमें केवल विद्यार्थियों को मिस गाइड किया जाता है सिलेबस पूरा नहीं कराया जाता चमक धमक के माध्यम से विद्यार्थियों को आकर्षित किया जाता है ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को शहरी परिदृश्य थोड़ा तकनीकी प्रयोग के माध्यम से कोचिंग ज्वाइन करने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जाता है अधिकांश कोचिंग आज विद्यार्थियों को फेल होने वाला सिलेबस पढ़ाती हैं आकर्षक रिसेप्शनिस्ट के माध्यम से कोचिंग ज्वाइन करने के लिए विद्यार्थियों पर दबाव बनाया जाता है अतः चयनित होने के लिए , सफल होने के लिए कोचिंग की अनिवार्यता नहीं है।

आत्म दीपो भव: —- स्वाध्याय और सफलता

गौतम बुद्ध ने कहा था स्वयं ही अपने मार्गदर्शक बने उसी सिद्धांत को आधार मानकर स्वाध्याय के माध्यम से रणनीति बनाई है जिसमें एमपीआई रणनीति का पालन करना अपरिहार्य होगा अर्थात एमपीपीएससी मेंस और mppsc prelims की तैयारी एक साथ जिसमें mains केंद्र में हो और साथ में साक्षात्कार की निरंतर तैयारी की  जाए |

रणनीति :-

फर्स्ट स्टेप [प्रथम चरण] सबसे पहले प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का सिलेबस आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड करें उसके पश्चात सिलेबस को ध्यान पूर्वक कम से कम तीन से चार बार पूरा पढ़ें और समझे कि क्या क्या टॉपिक है जो प्री और मेंस के कॉमन है इसके पश्चात पिछले वर्षों के प्री और मैथ के पेपर की एक किताब खरीदें मेंस के लिए अनसोल्ड  सॉल्व पुणेकर या महावीर कोई भी इन पेपरों का एनालिसिस करो यदि तैयारी में एकदम नए हैं तो मेरी सलाह के अनुसार भारतीय संविधान [इंडियन पॉलीटि] /भारतीय राजव्यवस्था से अध्ययन प्रारंभ कर सकते हैं|

जो भी टॉपिक पढ़ें उस पर अपने नोट्स अवश्य बनाएं शॉर्ट नोट्स बनाएं माइक्रो नोट्स बनाएं ताकि रिवीजन में आसानी हो एमपीपीएससी के पाठ्यक्रम की संपूर्ण सोर्स या किताबों की सूची बनाएं और उन्हें सिलेबस में ही लिख दें कि इस टॉपिक को किस स्त्रोत से पढ़ना है और फिर एक एक टॉपिक उठाकर उसी पढ़ें और उसके नोट्स अवश्य बनाएं|

एमपीपीएससी प्री स्वाध्याय रणनीति दो पेपर जीएसओसी सेट सीसैट 40% क्वालीफाइंग मैरिड जी एस के आधार पर बनेगी रणनीति अधिकाधिक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हल करें विभिन्न स्त्रोतों के एमसीक्यू को सॉल्व करें पिछले वर्षों के आयोग के प्रश्न एवं व्यापमं की परीक्षाओं मैं पूछे गए प्रश्नों को हल करें ए जी आई सी एस के टेलीग्राम चैनल पर पहुंच कर पीडीएस के माध्यम से इस पेपर को भी सॉल्व कर सकते हैं|

*प्रीलिम्स मंत्र अधिकाधिक वस्तुनिष्ठ प्रश्न  / एमसीक्यू  {MCQ} सॉल्व करना*

एमपीपीएससी में स्वाध्याय रणनीति मुख्य परीक्षा में निम्न बातों का ध्यान रखें :-

प्रयास करें कि आपका लेखन शुद्ध और सुंदर हो अर्थात हैंडराइटिंग अच्छी होनी चाहिए इससे 10% नंबर अधिक प्राप्त कर सकते हैं पेपर पूरा करना है अर्थात कोई भी प्रश्न छूटे नहीं , सिलेबस पूरा पढ़ना है , निरंतर लेखन अभ्यास करना है , और मुख्य परीक्षा के लिए संभव हो तो टेस्ट सीरीज ज्वाइन कर सकते हैं , मुख्य परीक्षा में समय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है , शब्द प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है , उस पर विशेष ध्यान दें| एक अखबार नियमित तौर पर पढ़ें  , जीएस पेपर 3 साइंस एंड टेक्नोलॉजी में विशेषत: ध्यान दें क्योंकि यह चयन में मुख्य भूमिका निभाता है और सामान्य था हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए चुनौती होता है|

मुख्य परीक्षा मंत्र लिखना , लिखना और केवल लिखना

स्वा मूल्यांकन करें जा किसी अधिकारी या कॉलेज व्याख्याता से अपनी कॉपी चेक कराएं और उनसे उस संदर्भ में रिव्यू भी पूछें|    

साक्षात्कार हेतु अपने एकेडमिक बैकग्राउंड के आधार पर प्रश्नों की एक सूची बनाएं और गृह जिले की या गांव की समस्त आवश्यक जानकारियां लिखें और छद्म साक्षात्कार दें जिसमें अपने मित्रों की अवश्य ही मदद ले |

  {ALL VIEWS ARE PERSONAL) & only for instructional use.

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