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एमपीपीएससी परीक्षा क्या है संपूर्ण जानकारी

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एमपीपीएससी परीक्षा क्या है संपूर्ण जानकारी

एमपीपीएससी एक संवैधानिक संस्था है जिसकी स्थापना 1 नवंबर 1956 को हुई थी इसके प्रथम अध्यक्ष श्री डी बी  रेगे थे और इसके वर्तमान अध्यक्ष डॉ राजेश लाल मेहरा है मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग राज्य स्तर के द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के विभिन्न प्रशासनिक पदों के लिए परीक्षा आयोजित करता है जिसके अंतर्गत विविध परीक्षाएं शामिल है इसमें सर्व प्रमुख परीक्षा राज्य सिविल सेवा परीक्षा है जिसे स्टेट सिविल सर्विस एग्जाम भी कहते हैं इस संस्था का गठन संविधान के अनुच्छेद 315 से 323 के मध्य वर्णित विविध प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है इसके अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और इनका कार्यकाल 6 वर्ष का या 62 वर्ष उम्र जो भी पहले हो उसके आधार पर होता है|

राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा प्रमुख निम्न परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं :-

राज्य सेवा परीक्षा {स्टेट सिविल सर्विस एग्जामिनेशन} राज्य वन सेवा परीक्षा , राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी परीक्षा , सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी परीक्षा , राज्य के महाविद्यालयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा |

एमपीपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा मैं निम्न पदों को शामिल किया जाता है |POSTS INCLUDED IN MPPSC EXAM :-

डिप्टी कलेक्टर [उप जिला अध्यक्ष /एसडीएम] डिप्टी एसपी {ऊपपुलिस अधीक्षक} सहायक संचालक विभिन्न विभागों में जैसे उद्योग महिला एवं बाल विकास पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सहकारिता, वित्त ,नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी ,मुख्य नगरपालिका अधिकारी, उप पंजीयक ,जिला पंजीयक क्षेत्र, सहायक भू अभिलेख अधीक्षक, सहायक जेल अधीक्षक, सहकारिता निरीक्षक, वाणिज्य कर अधिकारी, वाणिज्य कर निरीक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी ,आबकारी निरीक्षक

इस आर्टिकल में हम मुख्य रूप से राज्य सेवा परीक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त करेंगे जिसे एमपी पीएससी परीक्षा एमपीपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा आदि के नाम से जाना जाता है :-

राज्य सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित होती है

* प्रारंभिक परीक्षा {प्रीलिम्स}

*मुख्य परीक्षा {मेंस}

*साक्षात्कार {इंटरव्यू}

विवरण :- MPPSC PAREEKSHA 2020 -2021-2022-2023-2024

mppsc

प्रारंभिक परीक्षा यह केवल छानबीन परीक्षण एलिजिबिलिटी टेस्ट के रूप में ली जाती है जिसमें यूपीएससी की तरह है प्रारंभिक परीक्षा में राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा को संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है जिसके अंतर्गत वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न श्रेणी के दो प्रश्न पत्र होते हैं प्रथम प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का होता है और द्वितीय प्रश्न पत्र सामान्य अभिरुचि परीक्षण जिसे सीसैट भी कहा जाता है होता होता है प्रत्येक प्रश्न पत्र में अधिकतम 200 अंक होते हैं और प्रत्येक पेपर की समय अवधि 2 घंटे की होती है इस परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न पर चार विकल्प होते हैं और प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का होता है इस प्रकार कुल 200 अंकों का प्रश्नपत्र होता है राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती | CSAT  केवल क्वालीफाइंग स्वरूप का होता है| कुल पदों के 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया जाता है उदाहरण के लिए यदि 100 पद हैं तब मुख्य परीक्षा के लिए चयनित विद्यार्थी 1500 होंगे सिविल सेवा हेतु द्वितीय प्रश्न पत्र की साइट क्वालीफाइंग प्रकृति का होता है जिसमें सामान्य वर्ग को न्यूनतम 40% अंक प्राप्त करने होते हैं और आरक्षित श्रेणी के वर्ग को 30% अर्थात sc.st.obc दिव्यांग|

वही  राज्य वन सेवा परीक्षा हेतु मेरिट दोनों प्रश्न पत्रों से बनती है अर्थात जिस प्रकार राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में मेरिट केवल सामान्य अध्ययन के आधार पर बनती है और सीसैट क्वालीफाइंग होता है वही वन सेवा परीक्षा में सामान्य अध्ययन और सीसैट दोनों को मिलाकर मेरिट तैयार की जाती है |

सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम में इतिहास भूगोल मध्य प्रदेश जीके भारतीय संवैधानिक व्यवस्था इंडियन पालिटी विज्ञान पर्यावरण समसामयिक घटनाएं सूचना और संचार प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक सांविधिक संस्थाएं आदि शामिल होते हैं {TOTAL 10 UNITS}

वही सीसैट में बोधगम्यता अर्थात रीडिंग कंप्रीहेंशन डिसीजन मेकिंग निर्णय निर्माण कुछ गणित तथा रीजनिंग हिंदी आदि सम्मिलित होता है जो कक्षा 10 के स्तर का होता है |

मुख्य परीक्षा

राज्यसेवा मुख्य परीक्षा में कुल 6 प्रश्न पत्र होते हैं जिनमें पूर्णांक 1400 अंको का होता है, प्रारंभिक 4 प्रश्न पत्र हिंदी अथवा अंग्रेजी किसी भी माध्यम में दिए जा सकते हैं और अंतिम दो प्रश्न पत्र हिंदी एवं निबंध केवल हिंदी माध्यम में ही दिए जा सकते हैं | यह परीक्षा डिस्क्रिप्टिव अर्थात विवरणात्मक प्रकृति की होती है जिसमें उत्तर लेखन का महत्वपूर्ण स्थान है 2020 से परिवर्तित सिलेबस के अनुसार प्रथम तथा द्वितीय प्रश्न पत्र में 2 भाग सम्मिलित हैं प्रथम प्रश्न पत्र में इतिहास एवं भूगोल शामिल है, द्वितीय प्रश्न पत्र में राजनीति अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र शामिल है प्रत्येक भाग 150 अंको का होता है, तृतीय प्रश्न पत्र विज्ञान और तकनीकी का होता है उपरोक्त तीनों प्रश्न पत्र मैं पूर्णांक 300 अंकों का है चतुर्थ प्रश्नपत्र नीतिशास्त्र [एथिक्स] का है जिस में सम्मिलित रूप से दर्शन शास्त्र मनोविज्ञान और लोक प्रशासन पूछा जाता है पांचवा प्रश्न पत्र सामान्य हिंदी एवं व्याकरण का है चतुर्थ और पंचम दोनों प्रश्न पत्रों का पूर्णांक 200 अंकों का है और षष्टम प्रश्न पत्र हिंदी निबंध प्रारूप लेखन से संबंधित है जो 100 अंकों का होता है और पेपर अवधि 2 घंटों की होती है।

नोट :- प्रथम पांच प्रश्न पत्रों की परीक्षा विधि 3 घंटे की होती है।

शुरुआती तीन पेपरों के पाठ्यक्रम में कुल 10 यूनिट या इकाइयां वर्णित है मुख्य परीक्षा में शुरुआती तीन पेपरों में प्रत्येक यूनिट से 30 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं इनमें तीन अति लघु उत्तरीय दो लघु उत्तरीय और एक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होता है अति लघु उत्तरीय प्रश्न 3 अंको का होता है जिसकी शब्द सीमा 10 शब्द या एक पंक्ति होती है लघु उत्तरीय प्रश्न में आदर्श शब्द सीमा 50 शब्द की है या पांच से 6 पंक्तियों में उत्तर देना होता है दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की आदर्श शब्द सीमा 200 शब्दों की है और इसमें लगभग 3 पेज दिए जाते हैं।

Sr no.  Total question Marks per question Word limit Total marks
1. 3 Questions 3 Marks 10 words or one line 9 Marks
2. 2 Questions 5 Marks 50 words  10 Marks
3. 1 Question 11 Mark 200 words 11 Marks

 

** चौथा प्रश्न पत्र मैं कुल 5 इकाइयां जिसमें एक से 4 इकाई तक प्रत्येक में पांच अति लघु उत्तरीय दो लघु उत्तरीय और एक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछा जाता है अति लघु उत्तरीय के लिए 2 अंक और 10 शब्दों की शब्द सीमा होगी लघु उत्तरीय के लिए 50 शब्द और 5 अंकों होंगे और दीर्घ उत्तरीय के लिए 20 अंक और शब्द सीमा 200 शब्द होगी पांचवी यूनिट के अंतर्गत इसमें केस स्टडी स्कूटी जाएंगी जिसमें प्रत्येक केस स्टडी के लिए आदर्श शब्द सीमा 500 होगी।

पांचवी प्रश्न पत्र में व्याकरण अनुवाद अपठित गद्यांश संक्षेपण भाव पल्लवन अलंकार आदि टॉपिक ओं से प्रश्न पूछे जाएंगे।

6 वे प्रश्न पत्र निबंध में कुल प्रश्नों की संख्या तीन होती है जिसमें 2 प्रश्न निबंध के पहले प्रश्न में 1000 शब्दों का निबंध दूसरे प्रश्न में 500 शब्दों का निबंध और तीसरे प्रश्न में प्रारूप लेखन लिखना होता है।

साक्षात्कार अंतिम चरण कुल पदों का 3 गुना अभ्यर्थियों को मेरिट आधार पर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है साक्षात्कार हेतु कुल अंक 175 निर्धारित हैं यह मुख्यतः व्यक्तित्व परीक्षण पर आधारित होता है किसी भी अभ्यर्थी के चयन में उसके पद या रैंक के निर्धारण में साक्षात्कार का महत्वपूर्ण योगदान होता है इसमें अब तक के अधिकतम अंक 162 हैं जो एक महिला अभ्यर्थी को प्राप्त हुए हैं।

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